"आपदा पीड़ितों की अनदेखी हो रही है": हरीश रावत का सरकार पर प्रहार; 1400 करोड़ के बजट पर उठाए सवाल
"Disaster Victims Are Being Neglected"
बागेश्वर। "Disaster Victims Are Being Neglected", पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रदेश सरकार पर आपदा प्रभावित क्षेत्रों की अनदेखी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार पुनर्निर्माण कार्यों के प्रति गंभीर नहीं है और पूर्व में तय मानकों को भी लागू नहीं कर पा रही है।
शुक्रवार को पूर्व सीएम रावत ने कनलगढ़ घाटी के आपदाग्रस्त गांव पौसारी-बैसानी का स्थलीय निरीक्षण कर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की तथा पुनर्निर्माण कार्यों की जानकारी ली।
इसके बाद जिला मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि केंद्र से मिले लगभग 1400 करोड़ रुपये का भी राज्य सरकार सही तरीके से उपयोग नहीं कर पा रही है।
रावत ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी अपना दायित्व निभा रहे हैं, लेकिन उन्हें राजनीतिक सहयोग नहीं मिल पा रहा है।
पूर्व सीएम ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय आपदा प्रभावितों को मकान निर्माण के लिए दो लाख रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष से देने का प्रावधान था, लेकिन वर्तमान में यह व्यवस्था नजर नहीं आ रही है।
महिला आरक्षण विधेयक को लेकर उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्ण बहुमत होने के बावजूद इसे समय पर लागू नहीं करना सरकार की नैतिक हार है।
जिला योजना समिति की बैठक में जिला पंचायत सदस्यों को नहीं बुलाए जाने पर भी उन्होंने सवाल उठाए।
कहा कि पंचायत गठन के नौ महीने बाद भी जिला योजना समिति (डीपीसी) का गठन नहीं होना पंचायतीराज अधिनियम का उल्लंघन है।
इस अवसर पर पूर्व दर्जा मंत्री गोपाल दत्त भट्ट, राजेंद्र टंगड़िया, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, जिलाध्यक्ष अर्जुन भट्ट, गोपा धपोला, भगत डसीला, केवल पांडेय, नरेंद्र कुमार, मनोज साह, सुनील भंडारी आदि उपस्थित थे।